भारत का पहला ‘डुगोंग कंजर्वेशन रिजर्व (India’s first Dugong Conservation Reserve)

चर्चा मे क्यों :
- भारत का पहला ‘डुगोंग कंजर्वेशन रिजर्व’ (Dugong Conservation Reserve) तमिलनाडु में अधिसूचित किया गया है.
- राज्य सरकार ने हाल ही में देश के पहले ‘डुगोंग कंजर्वेशन रिजर्व’ की घोषणा की है.
- यह रिजर्व तमिलनाडु के तटीय क्षेत्र पाक खाड़ी (Palk Bay) में स्थापित किया गया है.
‘डुगोंग कंजर्वेशन रिजर्व’ के बारे में:
- इसे तमिलनाडु के तंजावुर और पुदुकोट्टई जिलों के तटीय क्षेत्र को शामिल करते हुए पाक खाड़ी मे स्थापित किया गया है
- डुगोंग कंजर्वेशन रिजर्व 448 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है.
- इसकी पहल सितम्बर 2021 में की गयी थी.
डुगोंग के बारे में:
- डुगोंग सबसे बड़े शाकाहारी समुद्री स्तनधारी में से एक है.
- डुगोंग को ‘सी काउ’ (Sea Cow) भी कहा जाता है.
- ये समुद्री घास वाले समुद्री क्षेत्र में निवास करते है. यह सिरेनिया (Sirenia) प्रजाति का जीव है.
- यह जीव वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची I में अधिसूचित है.
- साथ ही IUCN की रेड लिस्ट की संवेदनशील (Vulnerable) श्रेणी में शामिल है.
- डुगोंग को समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र का अहम हिस्सा माना जाता है.
- इसलिए इनका संरक्षण अति महत्वपूर्ण है. इनका आवास क्षेत्र कई मछलियों और समुद्री जीवों का प्रजनन और भोजन क्षेत्र है.
- ये जीव भारत में मन्नार की खाड़ी,पाक खाड़ी, अंडमान तथा निकोबार द्वीप क्षेत्र और गुजरात के तटीय क्षेत्र कच्छ की खाड़ी में पाए जाते है.
- ये जीव समुद्री घास को खाते है, इसलिए समुद्री घास क्षेत्र का संरक्षण बेहद जरुरी है.
- ट्रॉलिंग (मछली पकड़ने का एक तरीका) के कारण समुद्री घासों और प्रवाल भित्तियां नष्ट होती है.