भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन (India-Bangladesh Friendship Pipeline)


भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन (India-Bangladesh Friendship Pipeline)

चर्चा मे क्यों :

  • असम स्थित नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (NRL) के 2022 के अंत तक भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन का निर्माण पूरा करने की उम्मीद है।

भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन : मुख्य बिन्दु 

  • भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन परियोजना (IBFPP) का उद्देश्य भारत के पश्चिम बंगाल में सिलीगुड़ी को बांग्लादेश के दिनाजपुर जिले के पार्बतीपुर से जोड़ना है।
  • इस परियोजना का कुल परिव्यय 346 करोड़ रुपये है।
  • इस निर्माणाधीन 130 किमी पाइपलाइन की क्षमता 10 लाख मीट्रिक प्रति वर्ष होगी।
  • मार्च 2020 में औपचारिक उद्घाटन के बाद पाइपलाइन का निर्माण शुरू हुआ।
  • यह परियोजना भारत की नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड और बांग्लादेश की मेघना पेट्रोलियम लिमिटेड द्वारा संयुक्त रूप से कार्यान्वित की जा रही है।
  • शुरुआत में बांग्लादेश करीब 2.5 लाख टन डीजल खरीदेगा। बाद के वर्षों में इसे बढ़ाकर 4 से 5 लाख टन किया जाएगा।
  • इस अनुबंध के तहत, बांग्लादेश आपूर्ति शुरू होने के दिन से 15 साल के लिए डीजल का आयात करेगा।

पाइपलाइन का महत्व:

  • एक बार पूरा हो जाने पर, भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन बांग्लादेश में रंगपुर और राजशाही के तहत सभी 16 उत्तरी जिलों में डीजल की स्थिर आपूर्ति प्रदान करने में मदद करेगी।
  • यह न्यूनतम लागत पर ईंधन की तेजी से वितरण सुनिश्चित करेगा।
  • वर्तमान में, इन क्षेत्रों में चटोग्राम और मोंगला बंदरगाहों से वैगनों और ट्रॉलरों के माध्यम से आयातित डीजल की आपूर्ति की जाती है। ।

नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड:

  • नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड असम में स्थित भारत सरकार का एक उद्यम है।
  • यह ऑयल इंडिया लिमिटेड की एक समूह कंपनी है।
  • वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान, इसने 23,546 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे अधिक बिक्री कारोबार हासिल किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 26.95 प्रतिशत अधिक है।
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