मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (मुख्य) परीक्षा पाठ्यक्रम
(Madhya Pradesh Public Service Commission (Mains) Exam Syllabus)

राज्य सेवा मुख्य परीक्षा में निम्नानुसार कुल 06 प्रश्नपत्र होंगे। सभी प्रश्न पत्र अनिवार्य हैं:—
प्रश्नपत्र संख्या | विषय | अधितम अंक | अवधि | माध्यम |
---|---|---|---|---|
प्रथम प्रश्नपत्र | सामान्य अध्ययन - I (इतिहास, भूगोल) | 300 | 03 घंटे | हिन्दी अथवा अंग्रेजी |
द्वितीय प्रश्नपत्र | सामान्य अध्ययन - II(राजनीति, अर्थशास्त्र एवं समाज शास्त्र) | 300 | 03 घंटे | हिन्दी अथवा अंग्रेजी |
तृतीय प्रश्नपत्र | सामान्य अध्ययन - III(विज्ञान एवं तकनीकी) | 300 | 03 घंटे | हिन्दी अथवा अंग्रेजी |
चतुर्थ प्रश्नपत्र | सामान्य अध्ययन - IV(दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान एवं लोक प्रशासन) | 200 | 03 घंटे | हिन्दी अथवा अंग्रेजी |
पचम प्रश्नपत्र | सामान्य अध्ययन - V(सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) | 200 | 03 घंटे | हिन्दी |
षष्ठ प्रश्नपत्र | सामान्य अध्ययन - VI(हिन्दी निबंध एवं प्रारूप लेखन) | 100 | 02 घंटे | हिन्दी |
1) सामान्य अध्ययन के प्रथम प्रश्न पत्र में पूर्णांक-300 हैं तथा समय-3 घंटे होगा।
- सामान्य अध्ययन के प्रथम प्रश्नपत्र में दो खंड ‘अ’ तथा ‘ब’ रहेंगे। प्रत्येक खंड 150 अंकों का होगा। प्रत्येक खंड पाठ्यक्रम के अनुसार 05 इकाइयों में विभाजित है। प्रत्येक इकाई से 03 अति लघु उत्तरीय, 02 लघु उत्तरीय तथा 01 दीर्घ उत्तरीय या निबंधात्मक प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। प्रश्नों की संख्या आवश्यकतानुसार कम या अधिक की जा सकेगी।
- प्रत्येक इकाई में अति लघु उत्तरीय प्रत्येक प्रश्न के लिये 03 अंक तथा लघु उत्तरीय प्रत्येक प्रश्न के लिये 05 अंक एवं दीर्घ उत्तरीय प्रत्येक प्रश्न के लिये 11 अंक पूर्णांक होंगे।
- इस प्रकार प्रत्येक इकाई के लिये कुल पूर्णांक अंक 30 होंगे।
- इसी प्रकार दोनों खंड ‘अ’ तथा ‘ब’ में कुल पूर्णांक 150-150 होंगे।
- अतः प्रथम प्रश्न पत्र के पूर्णांक 300 होंगे।
- प्रत्येक अति लघु उत्तरीय प्रश्न की आदर्श शब्द सीमा 10 शब्द/ एक पंक्ति होगी।
- प्रत्येक लघु उत्तरीय प्रश्न की आदर्श शब्द सीमा 50 शब्द/5 से 6 पंक्तियाँ होंगी।
- प्रत्येक दीर्घ उत्तरीय प्रश्न की आदर्श शब्द सीमा 200 शब्द होगी।
2) सामान्य अध्ययन के द्वितीय प्रश्न पत्र में पूर्णांक-300 हैं तथा समय-3 घंटे होगा।
- सामान्य अध्ययन के द्वितीय प्रश्नपत्र में दो खंड ‘अ’ तथा ‘ब’ रहेंगे। प्रत्येक खंड 150 अंकों का होगा। प्रत्येक खंड पाठ्यक्रम के अनुसार 05 इकाइयों में विभाजित है। प्रत्येक इकाई से 03 अति लघु उत्तरीय, 02 लघु उत्तरीय तथा 01 दीर्घ उत्तरीय या निबंधात्मक प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। प्रश्नों की संख्या आवश्यकतानुसार कम या अधिक की जा सकेगी।
- प्रत्येक इकाई में अति लघुत्तरीय प्रत्येक प्रश्न के लिये 03 अंक तथा लघु उत्तरीय प्रत्येक प्रश्न के लिये 05 अंक एवं दीर्घ उत्तरीय प्रत्येक प्रश्न के लिये 11 अंक पूर्णांक होंगे।
- इस प्रकार प्रत्येक इकाई के लिये कुल पूर्णांक अंक 30 होंगे।
- इसी प्रकार दोनों खंड ‘अ’ तथा ‘ब’ में कुल पूर्णांक 150-150 होंगे।
- उपर्युक्तानुसार प्रथम प्रश्न पत्र के पूर्णांक 300 होंगे।
- प्रत्येक अति लघु उत्तरीय प्रश्न की आदर्श शब्द सीमा 10 शब्द/ एक पंक्ति होगी।
- प्रत्येक लघु उत्तरीय प्रश्न की आदर्श शब्द सीमा 50 शब्द/5 से 6 पंक्तियाँ होंगी।
- प्रत्येक दीर्घ उत्तरीय प्रश्न की आदर्श शब्द सीमा 200 शब्द होगी।
3) सामान्य अध्ययन के तृतीय प्रश्न पत्र में पूर्णांक – 300 हैं तथा समय -3 घंटे होगा।
- सामान्य अध्ययन के तृतीय प्रश्नपत्र 10 इकाइयों में विभाजित है। प्रत्येक इकाई से 03 अति लघु उत्तरीय, 02 लघु उत्तरीय तथा 01 दीर्घ उत्तरीय या निबंधात्मक प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। प्रश्नों की संख्या आवश्यकतानुसार कम या अधिक की जा सकेगी।
- प्रत्येक इकाई में अति लघु उत्तरीय प्रत्येक प्रश्न के लिये 03 अंक तथा लघु उत्तरीय प्रत्येक प्रश्न के लिये 05 अंक एवं दीर्घ उत्तरीय प्रत्येक प्रश्न के लिये 11 अंक पूर्णांक होंगे।
- इस प्रकार प्रत्येक इकाई के लिए कुल पूर्णांक अंक 30 होंगे।
- इस प्रश्नपत्र में कुल पूर्णांक 300 होंगे।
- प्रत्येक अति लघु उत्तरीय प्रश्न की आदर्श शब्द सीमा 10 शब्द / एक पंक्ति होगी।
- प्रत्येक लघु उत्तरीय प्रश्न की आदर्श शब्द सीमा 50 शब्द/5 से 6 पंक्तियाँ होगी।
- प्रत्येक दीर्घ उत्तरीय प्रश्न की आदर्श शब्द सीमा 200 शब्द होगी।
4) सामान्य अध्ययन के चतुर्थ प्रश्न पत्र में पूर्णांक-200 है तथा समय-3 घंटे होगा।
- सामान्य अध्ययन का चतुर्थ प्रश्नपत्र 05 इकाइयों में विभाजित है जिसमें प्रथम से चतुर्थ इकाई तक, प्रत्येक इकाई से 05 अति लघु उत्तरीय, 02 लघु उत्तरीय तथा 01 दीर्घ उत्तरीय या निबंधात्मक प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। प्रश्नों की संख्या आवश्यकतानुसार कम या अधिक की जा सकेगी।
- प्रथम से चतुर्थ इकाई तक, प्रत्येक इकाई में अति लघु उत्तरीय प्रत्येक प्रश्न के लिए 02 अंक तथा लघु उत्तरीय प्रत्येक प्रश्न के लिये 05 अंक एवं दीर्घ उत्तरीय प्रत्येक प्रश्न के लिये 20 अंक पूर्णांक होंगे।
- इस प्रकार प्रथम से चतुर्थ इकाई तक, प्रत्येक इकाई के लिये कुल पूर्णांक अंक 40 होंगे।
- प्रश्न पत्र की पाँचवी इकाई में संपूर्ण पाठ्यक्रम से 02 केस स्टडी की समीक्षात्मक टीप लिखनी होगी। प्रत्येक केस स्टडी के लिये 20 अंक प्रदाय किए जाएंगे।
- इस प्रश्नपत्र में कुल पूर्णांक 200 होंगे।
- प्रत्येक अति लघु उत्तरीय प्रश्न की आदर्श शब्द सीमा 10 शब्द/ एक पंक्ति होगी।
- प्रत्येक लघु उत्तरीय प्रश्न की आदर्श शब्द सीमा 50 शब्द/5 से 6 पंक्तियाँ होंगी।
- प्रत्येक दीर्घ उत्तरीय प्रश्न की आदर्श शब्द सीमा 200 शब्द होगी।
- प्रत्येक केस स्टडी के लिये आदर्श शब्द सीमा 500 शब्द होंगी।
5) पंचम प्रश्न पत्र में पूर्णांक-200 हैं तथा समय-3 घंटे होगा।
- पंचम प्रश्नपत्र सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण का होगा।
- प्रथम प्रश्न में लघु उत्तरीय कुल 25 प्रश्न होंगे जो कि सम्पूर्ण पाठ्यक्रम से पूछे जाएँगे।
- प्रत्येक प्रश्न 03 अंकों का होगा।
- द्वितीय प्रश्न अलंकारों से संबंधित होगा। जिसमें 02 प्रश्न पूछे जाएँगे। प्रत्येक प्रश्न 05 अंको का होगा।
- तृतीय प्रश्न में 02 उप प्रश्न होंगे जिनमें वाक्यों का हिन्दी से अंग्रेजी अनुवाद 20 अंकों का तथा अंग्रेजी से हिन्दी में 15 अंकों का होगा। इस प्रकार अनुवाद हेतु कुल अंक 35 होंगे।
- चतुर्थ प्रश्न हिन्दी व्याकरण से संबंधित होगा जिसमें संधि, समास, विराम चिह्न इत्यादि से प्रश्न पूछे जाएँगे। इसमें कुल अंक 20 होंगे।
- पाँचवा प्रश्न प्रारंभिक व्याकरण एवं शब्दावलियों से संबंधित होगा। इसके कुल अंक 20 होंगे।
- छठा प्रश्न अपठित गद्यांश से संबंधित होगा। इसमें कुल अंक 20 होंगे।
- सातवाँ प्रश्न पल्लवन अथवा भाव-पल्लवन से संबंधित होगा। इसमें कुल 10 अंक होंगे।
- आठवाँ प्रश्न गद्यांश के संक्षेपण से संबंधित होगा। इसमें कुल 10 अंक होंगे।
- प्रश्नों की संख्या आवश्यकतानुसार कम या अधिक की जा सकेगी। आवश्यकतानुसार किसी प्रश्न में उप प्रश्न भी हो सकते हैं।
6) षष्ठ प्रश्न पत्र में पूर्णांक-100 हैं तथा समय-2 घंटे होगा।
- षष्ठ प्रश्नपत्र हिन्दी निबंध एवं प्रारूप लेखन का होगा।
- प्रश्न पत्र में कुल तीन प्रश्न होंगे।
- प्रश्न क्रमांक-1 प्रथम निबंध होगा जिसमें किसी एक विषय पर 1000 शब्दों में निबंध हिन्दी में लिखना होगा। प्रश्न में आंतरिक विकल्प होगा। यह प्रश्न 50 अंकों का होगा।
- प्रश्न क्रमांक-2 द्वितीय निबंध समसामयिक समस्या एवं निदान से संबंधित होगा। जिसमें किसी एक विषय पर 500 शब्दों में निबंध हिन्दी में लिखना होगा। प्रश्न में आंतरिक विकल्प होगा। यह प्रश्न 25 अंकों का होगा।
- प्रश्न क्रमांक-3 प्रारूप लेखन से संबंधित होगा। इसमें किन्हीं दो प्रारूपों का लेखन हिन्दी में करना होगा। प्रत्येक प्रारूप लेखन में आदर्श शब्द सीमा 250 शब्द होगी। प्रश्न में आंतरिक विकल्प होगा। यह प्रश्न 25 अंकों का होगा।
- प्रश्नों की संख्या आवश्यकतानुसार कम या अधिक की जा सकेगी। आवश्यकतानुसार किसी प्रश्न में उप प्रश्न भी हो सकते हैं।
मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (मुख्य) परीक्षा पाठ्यक्रम
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प्रथम प्रश्नपत्र सामान्य अध्ययन — I (इतिहास, भूगोल)
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द्वितीय प्रश्नपत्र सामान्य अध्ययन — II (राजनीति, अर्थशास्त्र एवं समाज शास्त्र)
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तृतीय प्रश्नपत्र सामान्य अध्ययन — III (विज्ञान एवं तकनीकी)
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चतुर्थ प्रश्नपत्र सामान्य अध्ययन — IV (दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान एवं लोक प्रशासन)
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पचम प्रश्नपत्र — V (सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण)
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षष्ठ प्रश्नपत्र – VI (हिन्दी निबंध एवं प्रारूप लेखन)